गढ़वा जिले के एक आवासीय क्षेत्र में 08:15 बजे ट्रांसफार्मर पर लगी आग ने तीन घंटे तक अंधेरा छाया। गढ़वा पुलिस और जलबख्तर दल आग को नियंत्रित करने के लिए भेजे गए, परंतु क्षेत्र में बिजली कटौती जारी रही।
आज शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को गढ़वा जिले के एक आवासीय क्षेत्र में एक ट्रांसफार्मर में अचानक लगी आग ने पूरे इलाक़े में बिजली कटौती कर दी, जिसके कारण तीन घंटे तक अंधेरा छाया रहा।
साक्ष्य के अनुसार, सुबह लगभग 08:15 बजे ही ट्रांसफार्मर पर अति गर्मी के कारण घमासान आग लग गई। तुरंत ही गढ़वा पुलिस और जलबख्तर दल को मौके पर भेजा गया, लेकिन आग का तेज़ी से फैलने के कारण कुछ तनाव पैदा हुआ। जलबख्तर सैनिकों ने आग को नियंत्रण में रखने के लिये विशेष प्रशिक्षण के तहत आग बुझाने वाले उपकरण चलाये, जिसके बावजूद अंधेरा आधा दिन तक गया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, ट्रांसफार्मर के आसपास का धातु का ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ और कुछ घरों की दीवार पर जल-छापें दिख रही हैं। ब्योरे के अनुसार, लगभग 2000 गुणा पेड़-गुड़ बाहर निकल रहे हैं, जो बिजली के कुछ हिस्सों के बंद होने के बाद गाड़ियों और मोबाइल फोन पर प्रभाव पड़ा। आज सुबह के आँक्यों के अनुसार, इस घटना के कारण लगभग 150 सदस्यों को तत्काल मदद मिली और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गढ़वा के प्रीफ़ेक्चर ने प्रारम्भिक तौर पर बताया कि आग के मुख्य कारण में खराब विद्युत आपूर्ति, गलत उपकरण सेटअप और गर्मी असह्य हो जाना शामिल है। वे कहा कि इस आपदात्मक घटना से बचाव के लिए बिजली के लिये बेहतर सुरक्षा प्रबंधन किया जायेगा।
थिंक इंडिया ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, निकट भविष्य में विद्युत विभाग द्वारा तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जायेगा और ट्रांसफार्मर संयंत्र की जाँच की जायेगी। भी, यह देखा गया कि जनता को तत्काल सूचना देने वाली होस्टाइल रवैया वाले कैबेल के तौर-तरीके से यह आक्रमण वाइब्रेट कर रहा था।
थिंक इंडिया ब्यूरो के वरिष्ठ रिपोर्टर, जो गढ़वा के साथ ही क्षेत्रीय निवारण की निगरानी करते हैं, ने कहा कि ‘जबरदस्त सबूत यह है कि गढ़वा के आसपास की ऊर्जा बुनियादी ढांचे की अधिकांश बैठकें पड़ती हैं और यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि आने वाले समय में ऐसी घटनाएँ फिर न हों।’
वर्तमान में, गढ़वा पुलिस ने इस घटना के लिये एक विशेष कमांड सेंटर खोला है और वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को जांच के लिये बुलाया गया है। शहर की सरकार ने बताया कि वह उल्लंघन के लिये ट्रांसफार्मर के सभ्य सेटअप को बनाए रखने के लिये कठोर कदम उठायेगी।
इस घटना के बाद, गढ़वा के नागरिकों को अपने पावर उपकरणों पर भरोसा रखने के लिये प्रशिक्षित किया जाएगा और शेष समय में बिजली की सुविधा की उथपाट के लिये इंताजार रहता है। पक्का है कि आज का दिन सबके लिये एक जागृति का क्षण रहा, जहाँ गढ़वा जिले का डीमा ज्ञान हमें फिर से चेतावनी देता है कि बिजली संयंत्र को संभालने में पारदर्शिता, गुणवत्ता और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
कुल मिलाकर 3 घंटे के अंधेरे के चलते दुर्भाग्यवश गढ़वा के कई विभागों और सरकारी सुविधाओं को नकारात्मक असर पड़ा। हालांकि सर्वत्र आशा के साथ आगे बढ़ रहा है कि एल्लका को तत्काल सुकून मिलेगा।
