साइबर अपराधियों ने अब गढ़वा को अपना नया ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो मासूम लोगों से बैंक अधिकारी बनकर केवाईसी के नाम पर लाखों लूटते थे।
साइबर अपराध की आग अब जामताड़ा और देवघर की सीमाओं को लांघकर गढ़वा के जंगलों और कस्बों तक पहुँच गई है। गढ़वा जिले की साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार की देर रात एक बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने चार ऐसे शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी कर चुके थे।
ठगी का नया तरीका:
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 15 स्मार्टफोन, 40 से अधिक सिम कार्ड (जो जाली आईडी पर खरीदे गए थे) और कई बैंकों के पासबुक बरामद हुए हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बताया कि ये अपराधी बैंक अधिकारी या ई-कॉमर्स कंपनी के कस्टमर केयर बनकर लोगों को कॉल करते थे। "ये आपसे केवाईसी (KYC) अपडेट करने या लकी ड्रॉ में इनाम जीतने का लालच देते थे और फिर स्क्रीन शेयरिंग ऐप के ज़रिए आपका पूरा बैंक खाता खाली कर देते थे," एसपी ने प्रेस वार्ता में बताया।
गढ़वा में नेटवर्क का विस्तार:
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इन अपराधियों ने सुदूर गांवों के बेरोजगार युवाओं को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते 'किराए' पर ले रखे थे। उन खातों में ठगी का पैसा मंगाया जाता था और फिर उसे एटीएम के ज़रिए निकाल लिया जाता था। इस रैकेट का मास्टरमाइंड पलामू का रहने वाला है, जो फिलहाल फरार है।
सतर्कता ही बचाव है:
साइबर सेल के प्रभारी ने बताया कि लोगों को जागरूक करने की ज़रूरत है। "कोई भी बैंक कभी फ़ोन पर ओटीपी या पिन नहीं मांगता। अगर आपके पास ऐसा कोई कॉल आए, तो तुरंत काट दें और 1930 नंबर पर शिकायत करें," उन्होंने सलाह दी। पुलिस अब उन सिम कार्ड विकेताओं पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है जिन्होंने बिना सत्यापन के थोक में सिम कार्ड जारी किए।
कानूनी कार्रवाई:
गिरफ्तार चारों युवक 20 से 25 साल की उम्र के हैं। इनके बैंक खातों को फ्रीज़ कर दिया गया है और अब पुलिस इनके अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। गढ़वा पुलिस की इस मुस्तैदी से साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
विशेष सलाह:
आजकल डिजिटल क्रांति के साथ-साथ डिजिटल खतरे भी बढ़ रहे हैं। अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए सावधान रहें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। एनआर डेली न्यूज़ आपको लगातार ऐसे खतरों से आगाह करता रहेगा। अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो उसे छुपाएं नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचित करें।
