यह विवाद अब सांप्रदायिक रंग ले चुका है। कुछ लोग खान सर को मुस्लिम और रौशन आनंद को यादव (हिंदू) के रूप में पहचानने लगे हैं। पहले कभी इस विवाद को धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाता था। सोशल मीडिया पर एक तबका यादव-मुस्लिम बाइनरी की कहानी गढ़ रहा है। खान सर ने अपने खिलाफ एफआईआर को रद्द करने के लिए पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर 13 जून तक बिहार सरकार से जवाब मांगा गया था।