कई बार यह बच्चों का सपना नहीं, बल्कि माता-पिता की वह झूठी शान होती है जो वे समाज के सामने पेश करना चाहते हैं। आज कोटा जैसे कोचिंग हब में जो बच्चे अपनी जान दे रहे हैं, उनके पीछे सिर्फ पढ़ाई का दबाव नहीं, बल्कि "लोग क्या कहेंगे" का खौफ है। पेरेंट्स अपने बच्चों से ज्यादा रिश्तेदारों की परवाह करते हैं।
"शर्मा जी का बेटा डॉक्टर बन गया, तुम भी बनो": झूठी शान के चक्कर में कैसे बच्चों की बलि ले रहा है कोटा?
ThinkIndia.press BureauNews Correspondent
30 मई 2026 को 02:56 pm बजे
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